इंतजार करने से वक़्त जाया होता है

इंतजार एक ऐसी इम्तिहान है जहां आप या तो हार सकते है या फिर जीत सकते है। आप हारे या जीते इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इस इम्तिहान में आप एक चीज जरूर हारते है, वो है आपका पेशकिमती वक़्त!आप जिसका इंतजार करते है उसे जरा भी भनक नही होती कि आप इंतजार कर रहे हो। वक़्त रुकता नही किसी के लिए, वक़्त बीत जाता है… और उस वक़्त के साथ बोहोत कुछ बीत जाता है जैसे कि आपके सपने…
सपनें पूरे होने का इंतजार करना जायज है मगर किसी इंसान के इंतजार में अपने सपने कुर्बान करना बुरी बात है। क्योंकि बिता वक़्त कभी भी लौटकर नही आता। और एक बार वक़्त के साथ सपने बीत गए फिर वो भी नही लौटकर आते। क्यों ऐसे इंसान के लिए वक़्त जाया करना जिसे आपके वक़्त की कद्र नही। क्यों ऐसे इंसान के लिए अपने सपने कुर्बान करना जिसे आपके सपनों की कद्र नही।
मानता हूं के इंतजार करने से एक झूठी ही सही लेकिन तसल्ली रहती है कि आप जिसके लिए आप ये कर रहे हो वो लौटकर आएगा… कभी कभी वो इंसान लौटकर भी आता है मगर क्या पता वो वक़्त लेकर लौटा हुआ इंसान वही हो जिसका आप इंतजार कर रहे हो क्योंकि इंसान की फितरत है, हर इंसान बदल जाता है वक़्त के साथ…फिर आप ये कैसे तय कर सकते हो के आप जिसके लिए ये सब कर रहे हो वो इंसान बदला हुआ ना हो?
आप भी तो इंसान ही हो। इसीलिए आप भी आजमाओ ये इंसानों वाली फितरत। मत करो किसी के लौटने का इंतजार। अगर उसे लौटना है तो वो जरूर लौटेगा। आप बस इस चल रहे वक़्त की राह पर चलते रहो। क्योंकि वक़्त के साथ नही चलोगे तो वक़्त में ही कही भटक जाओगे और अगर वक़्त में कही भटक गए या फिर वक़्त आपसे आगे चला गया तो वक़्त को हराना नामुमकिन हो जाएगा और आखिर में आपके हाथों में सिर्फ इंतजार ही रहेगा…
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